मसरूफ़ियत : ज़िन्दगी से फुर्सत के कुछ पल चुराने की जद्दोजेहेद …

मसरूफ़ियत (Masroofiyat) लहरों पे चलते चलते, यूँ दूर निकल आये, अब ठहरे समंदर के साहिल को…

राजनैतिक बयानबाजी पर कवि का व्यंग्य

कवि दुष्यंत कुमार जी की पंक्तियों से प्रभावित, आजकल की राजनैतिक बयानबाजी पर कुछ पंक्तियाँ प्रस्तुत…

चैत्र नवरात्रे – राम नवमी का महत्व

रामनवमी का महत्व राम नवमी सबसे महत्वपूर्ण हिंदू त्योहारों में से एक है. हर साल इस…

दुर्गा अष्टमी: जानें, देवी महागौरी के पूजन का महत्व और विधि

इस दिन मां के आठवें स्वरूप देवी महागौरी की पूजा का विधान है. जानें मां के…

जनता और सत्ता – राजनीतिक व्यंग्य

हर चुनाव में नेता करते, जनता की मनुहारी, और बाद ऐसे दुत्कारें, जैसे कोई भिखारी, राजनीति…

इस होली में… – परिवार के साथ होली की दोगुनी खुशियाँ…

पिता है ज्योति अनुशासन की, माता – हिम् का अंश प्रसंग, (प्रसंग – संबंध, लगाव) इस…

भूंख – अन्न का हर दाना ज़रूरी है…

घर से निकला मैं सुबह सुबह, भर पेट नाश्ता करके जी, इडली-डोसा और चाउमीन, दो प्लेट…

तेरी याद…

तेरी याद पलकें भिगोने लगी है, ये ग़म में मुझे अब डुबोने लगी है, बमुश्किल लबों…

ग़ज़ल – तुम्हारी पायलें ….

ग़ज़ल – तुम्हारी पायलें —- शिकायत है हमें इनसे, ये आठों याम करती हैं, तुम्हारी पायलें…

आज फिर तुम हमें याद आने लगे…

गीत –  आज फिर बारिशों की है महफ़िल सजी, आज फिर तुम हमें याद आने लगे,…

Enjoy this blog? Please spread the word :)

error: Content is protected !!